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वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद्

Council of Scientific & Industrial Research

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

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24 Aug, 2026 | मुख्य सामग्री पर जाएँ | स्क्रीन रीडर एक्सेस

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CSIR - NATIONAL ENVIRONMENTAL ENGINEERING RESEARCH INSTITUTE

सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक घटक प्रयोगशाला

(विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संगठन)

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हमारे बारे में
दृष्टि, उद्देश्य,शासनादेश नीरी झलक संगठनात्‍मक मानचित्र निदेशक अनुसंधान परिषद प्रबंधन परिषद हमारे नेता परिसर स्टाफ सूची सम्मान एवं पुरस्कार प्रौद्योगिकी ग्राहकों की सूची हमारी क्षमताएं प्रतीक नीति आईएईएम
विभाजन
वायु गुणवत्ता प्रबंधन जल एवं पृथ्वी प्रणालियाँ पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, लेखा-परीक्षण एवं नियोजन ठोस एवं खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन अपशिष्ट जल प्रबंधन पर्यावरणीय सामग्री एवं सतत प्रणालियाँ स्वच्छ ऊर्जा एवं प्रक्रिया अभियांत्रिकी पर्यावरणीय स्वास्थ्य एवं विषविज्ञान पर्यावरणीय जैवप्रौद्योगिकी जलवायु जोखिम, प्रभाव एवं अनुकूलन
केंद्र
उन्नत पर्यावरणीय विश्लेषणात्मक केंद्र पर्यावरणीय बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल प्रणालियों का केंद्र औद्योगिक पारिस्थितिकी एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था केंद्र पारिस्थितिक तंत्र एवं प्रत्यास्थता अभिकल्प केंद्र
क्षेत्रीय केंद्र
सीएसआईआर-नीरी दिल्ली क्षेत्रीय केंद्र सीएसआईआर-नीरी कोलकाता क्षेत्रीय केंद्र सीएसआईआर-नीरी मुंबई क्षेत्रीय केंद्र सीएसआईआर-नीरी हैदराबाद क्षेत्रीय केंद्र सीएसआईआर-नीरी चेन्नई क्षेत्रीय केंद्र
प्रशासन
निदेशक एवं सचिवालय
सामान्य प्रशासन
प्रशासन नियंत्रक और सचिवालय प्रशासन अध‍िकारी का कार्यालय बिल अनुभाग स्थापना अनुभाग भर्ती एवं मूल्यांकन अनुभाग सामान्‍य अनुभाग राजभाषा एकक डायरी प्रेषण सतर्कता अनुभाग
वित्‍त एवं लेखा अनुभाग भंडार एवं क्रय अनुभाग सुरक्षा
एस एंड टी प्रबंधन
व्यवसाय विकास एवं परियोजना प्रबंधन इकाई
हमारे बारे में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौता ज्ञापन लाइसेंसधारियों की सूची
आईपीआर सेल
आईपीआर कर्मचारी पेटेंट/कॉपीराइट
विज्ञान संचार, प्रसार एवं ज्ञान प्रबंधन इकाई कौशल विकास पर्यावरणीय महामारी विज्ञान एवं महामारी प्रबंधन अभ‍ियांत्रिकी सेवाएं एकक आईटी अवसंरचना आईएसटीएजी समन्वयक
मानव संसाधन विकास
इंटर्नशिपभर्तीए सी एस आई आर
अंतरराष्ट्रीय मामले
स्टॉकहोम कन्वेंशन डब्ल्यूएचओ आईपीसीसी यूएनईपी यूनिडो
इको इनोवेशन
नीरी जैव विविधता लिविंग लैब स्मृति वन बांस्या वन सतत नवाचार
संसाधन केंद्र new
श्वेत पत्र नीति संक्षेप रूपरेखा पुस्तकें एवं मोनोग्राफ तकनीकी रिपोर्ट्स मैनुअल एवं दिशानिर्देश मानक संचालन प्रक्रिया एवं प्रोटोकॉल पर्यावरणीय मॉडल एवं उपकरण डीडीटी के विकल्प
अभिलेखागार
पुरालेख प्रकाशन पुरालेख वार्षिक प्रतिवेदन पुरालेख चलचित्र प्रदर्शनी पुरालेख पेटेंट पुरालेख कार्यक्रम पुरालेख समाचार पुरालेख पूरी हो चुकी परियोजनाएं पुरालेख निविदा पुरालेख परिपत्र और आदेश विवरणिका
सीएसआईआर-नीरी परिसर
सीएसआईआर-नीरी परिसर Image
सीएसआईआर-नीरी परिसर
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी ने बायो-सीसीयूएस नवाचार केंद्र का उद्घाटन किया
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महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी ने बायो-सीसीयूएस नवाचार केंद्र का उद्घाटन किया
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी ने ड्रोन प्रौद्योगिकी नवाचारों की समीक्षा हेतु भ्रमण किया
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी ने ड्रोन प्रौद्योगिकी नवाचारों की समीक्षा हेतु भ्रमण किया Image
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी ने ड्रोन प्रौद्योगिकी नवाचारों की समीक्षा हेतु भ्रमण किया
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने नीरी बांस्या वन का भ्रमण किया
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महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने नीरी बांस्या वन का भ्रमण किया
महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने टेस्ट बेड सुविधा का भ्रमण किया
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महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने टेस्ट बेड सुविधा का भ्रमण किया
डॉ. एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हरित पटाखों हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया
डॉ. एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हरित पटाखों हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया Image
डॉ. एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हरित पटाखों हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया
शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग, जबलपुर के 25 अभियंताओं के समूह ने सीएसआईआर-नीरी में सतत अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति प्रौद्योगिकियों का अवलोकन किया
शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग, जबलपुर के 25 अभियंताओं के समूह ने सीएसआईआर-नीरी में सतत अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति प्रौद्योगिकियों का अवलोकन किया Image
शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग, जबलपुर के 25 अभियंताओं के समूह ने सीएसआईआर-नीरी में सतत अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति प्रौद्योगिकियों का अवलोकन किया
सीएसआईआर-नीरी और सीएसआईआर-नीस्ट ने असम में बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए नीरी-जार जल फिल्टर तैनात किए
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सीएसआईआर-नीरी और सीएसआईआर-नीस्ट ने असम में बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए नीरी-जार जल फिल्टर तैनात किए
डॉ. एस. वेंकट मोहन ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया, CSIR-NEERI की अनुसंधान प्राथमिकताओं और विकसित भारत 2047 पर जोर दिया
डॉ. एस. वेंकट मोहन ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया, CSIR-NEERI की अनुसंधान प्राथमिकताओं और विकसित भारत 2047 पर जोर दिया Image
डॉ. एस. वेंकट मोहन ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया, CSIR-NEERI की अनुसंधान प्राथमिकताओं और विकसित भारत 2047 पर जोर दिया
सीएसआईआर-नीरी और नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र ने नैनो जथा-2026 के माध्यम से विदर्भ के विद्यार्थियों में नैनो मिशन जागरूकता को संवादात्मक शिक्षण द्वारा बढ़ावा दिया
सीएसआईआर-नीरी और नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र ने नैनो जथा-2026 के माध्यम से विदर्भ के विद्यार्थियों में नैनो मिशन जागरूकता को संवादात्मक शिक्षण द्वारा बढ़ावा दिया Image
सीएसआईआर-नीरी और नैनो एवं मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र ने नैनो जथा-2026 के माध्यम से विदर्भ के विद्यार्थियों में नैनो मिशन जागरूकता को संवादात्मक शिक्षण द्वारा बढ़ावा दिया
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जल एवं पृथ्वी प्रणालियाँ

जल एवं पृथ्वी प्रणालियाँ

Staff

परिचय (दृष्टि एवं उद्देश्य)

लगातार बढ़ती आबादी और ताज़े पानी के सीमित संसाधन होने के कारण पेयजल उपलब्ध कराना आज की दुनिया में एक बड़ी चुनौती बन गई है। भारत को पेय जल तक की पहुँच और पेय जल की सुरक्षा सुनिश्चित करने से संबंधित बहुआयामी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत के कई राज्यों को अपने नागरिकों को सुरक्षित जल आपूर्ति के संबंध में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत की आबादी के लगभग 54% लोग जल को लेकर उच्च से बहुत उच्च तनाव का सामना करते हैं। उपलब्ध सतही जलाशय जैसे कि झीलें/ तालाब/ नदियाँ भी संदूषित हैं और बैक्टीरिया की दृष्टि से पीने के लिए असुरक्षित है। कुछ स्थानों के भूजल भूजनित संदूषकों जैसे कि फ्लोराइड, आर्सेनिक, लोहा, यूरेनियम, नाइट्रेट आदि से संदूषित हैं, जो इसे पीने के लिए अयोग्य बनाता है। शहरों में, बढ़ती आबादी और परिधि के साथ, मलजल उत्पन्न होता है जो मौजूदा अवसंरचनाओं द्वारा पूरी तरह से प्रबंधित नहीं होता है और जलाशयों में छोड़ दिया जाता है। 2015 के दौरान, देश में अनुमानित मलजल उत्पादन 22963 एमएलडी की विकसित मलजल उपचार क्षमता (केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, 2015) के प्रति 61754 एमएलडी था। इन सभी कारकों से दिन-प्रतिदिन पानी की मात्रा घटती जा रही है और गुणवत्ता असुरक्षित होती जा रही है और कई एजेंसियों ने इसे यथा संभव मौलिक रखने की चुनौती स्वीकार की है। अधिक और सुरक्षित पानी की मांग में वृद्धि के बावजूद, हम में से कई लोगों द्वारा इस बहुमूल्य सम्पदा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के लिए विवेकपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। भारत में मुख्य रूप से आबादी में वृद्धि और उद्दाम शोषण के कारण प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में धीरे-धीरे आती गिरावट ने हमें पानी बचाने के लिए विवेकपूर्ण प्रथाओं को सिखाया और उन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है; कई पारंपरिक और उभरते रासायनिक संदूषकों के आगमन और रोगजनक सूक्ष्मजीवों के बहुतायत ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पानी को पीने योग्य बनाने के लिए आविष्कार और उपचार को प्रोत्साहित किया है।

जल प्रौद्योगिकी और प्रबंधन प्रभाग (डब्ल्यूटीएमडी) की स्थापना पानी से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने और जल गुणवत्ता अनुवीक्षण और निगरानी, जल उपचार, जल रक्षा योजना, जल सुरक्षा योजना, संदूषक पारगमन अध्ययन, जलीय-भूगर्भीय अन्वेषण और जल लेखापरीक्षण से संबंधित विकास एवं अनुसंधान गतिविधियाँ निष्पादित करने के उद्देश्य और दृष्टि के साथ की गई थी। डब्ल्यूटीएमडी का निरंतर दक्षता और किफायती कीमत पर बड़े और छोटे समुदायों को पीने योग्य पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सतही और भूजल उपचार के क्षेत्र में विभिन्न प्रौद्योगिकी/ प्रक्रियाओं के विकास का एक इतिहास है। 60 और 70 के दशक में विकसित नालगोंडा फ्लोराइड निष्कासन तकनीक एक महत्वपूर्ण योगदान था। इसे एक कुशल और लागत प्रभावी तकनीक के रूप में पहचाना गया था, जो अभी भी केन्या, इथियोपिया और तंजानिया जैसे देशों में प्रचलन में है। डब्ल्यूटीएमडी में किए जा रहे कार्यों को भारत सरकार के बड़े अभियानों जैसे कि स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया और नमामि गंगे के साथ निकटता से संरेखित किया गया है। डब्ल्यूटीएमडी में 11 वैज्ञानिक / तकनीकी और लगभग 20 शोधकर्ताएं/ परियोजना कार्मिक हैं और लगभग 20 बड़ी परियोजनाएं हैं जिनका कुल संविदात्मक मूल्य 125 मिलियन भारतीय रुपए हैं।

डब्ल्यूटीएमडी भारत में जल एवं स्वच्छता के लिए डब्ल्यूएचओ के साथ सहयोग करने वाला एकमात्र केंद्र है।

प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र

  • जल गुणवत्ता अनुवीक्षण और निगरानी
  • जल उपचार
  • भूजल गुणवत्ता आंकलन और प्रबंधन
  • जलीय-भूगर्भीय एवं भूभौतिकीय अध्ययन
  • ऑनसाइट जल गुणवत्ता अनुवीक्षण किट का विकास
  • मात्रात्मक रासायनिक जोखिम आंकलन (क्यूसीआरए)
  • मात्रात्मक सूक्ष्मजैविक जोखिम आंकलन (क्यूएमआरए)
  • पेय जल की आपूर्ति के लिए स्थानीकृत जल उपचार प्रौद्योगिकियों का विकास
  • जल रक्षा एवं सुरक्षा योजना
  • स्वच्छता सुरक्षा योजना

प्रौद्योगिकी विकास एवं कार्यान्वयन

डब्ल्यूटीएमडी ने ऐतिहासिक रूप से कई प्रौद्योगिकियों का विकास किया है जैसे कि फ्लोराइड निष्कासन के लिए नालगोंडा तकनीक, पॉट क्लोरीनेटर आदि। निम्नलिखित प्रौद्योगिकियां अभी भी प्रचलित हैं:

  • त्वरित वहनीय जल निस्यंदक: नीरी-ज़ार
  • विद्युत फ्लोराइड निष्कासन
  • लौह निष्कासन
  • आर्सेनिक क्षेत्र परीक्षण किट
  • जल गुणवत्ता परीक्षण किट
  • किमो फ्लोराइड निष्कासन
  • किमो आर्सेनिक निष्कासन

नीरी-ज़ार पोर्टेबल इंस्टेंट वॉटर फ़िल्टरसोलर एनर्जी आधारित इलेक्ट्रोलाइटिक डिफ्लोराइडेशन प्लांट्स चित्र 1नीरी-ज़ार पोर्टेबल इंस्टेंट वॉटर फ़िल्टरसोलर एनर्जी आधारित इलेक्ट्रोलाइटिक डिफ्लोराइडेशन प्लांट्स चित्र 2

सौर ऊर्जा आधारित नीरझर वहनीय त्वरित जल निस्यंदक विद्युत फ्लोराइड निष्कासन संयंत्र

उपकरणों

  • जीपीएस (गार्मिन
  • सुपर स्टिंग मल्टी इलेक्ट्रोड रेजिस्टिविटी मीटर
  • रेजिस्टिविटी मीटर (एसएसआर-एमपीएल)
  • जियो-फिजिकल सर्वे इंस्ट्रूमेंट (जीपीआर) –एसआईआर-3000
  • जीपीआर एंटीना (40 मेगाहर्ट्ज, 200 मेगाहर्ट्ज)
  • टेराटीईएम

बहुपक्षीय और द्विपक्षीय सहयोगी चित्र 1बहुपक्षीय और द्विपक्षीय सहयोगी चित्र 2

परियोजनाएं (बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय सहयोगात्मक परियोजनाएं)

  • भारत के शहरी क्षेत्रों में पानी की कमी से निपटने के लिए प्राकृतिक जल प्रणाली और उपचार प्रौद्योगिकी (नावाटेक)

ऑर्डेंस फैक्ट्री में कमीशन उपचार संयंत्र चित्र 1ऑर्डेंस फैक्ट्री में कमीशन उपचार संयंत्र चित्र 2ऑर्डेंस फैक्ट्री में कमीशन उपचार संयंत्र चित्र 3

आयुध निर्माणी अम्बाझारी, नागपुर में शुरू की गई उपचार संयंत्र

  • स्वस्थ पुन: उपयोग हेतु शहरी मलजल धारा का स्थानीय उपचार (लोटस) – जैव प्रौद्योगिकी विभाग
  • मृदा जैव-उपचार की अनुवीक्षा के लिए भूभौतिकीय पद्धतियाँ – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (भारत-इटालियन)

परियोजनाएं (भारत सरकार की मंत्रालयों/ विभागों द्वारा समर्थित)

  • गंगा नदी के विशेष गुणों को समझने के लिए जल गुणवत्ता आंकलन एवं तलछट विश्लेषण - एनएमसीजी, एमओडब्ल्यूआर, नदी देवी गंगा कायाकल्प, नई दिल्ली

भारत सरकार के मंत्रालय / विभाग चित्र 1भारत सरकार के मंत्रालय / विभाग चित्र 2भारत सरकार के मंत्रालय / विभाग चित्र 3

  • भूजल गुणवत्ता और मात्रा पर मैजिक पिट्स के प्रभाव - पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय (एमडीडब्ल्यूएस)
  • एनसीजेडब्ल्यू खान, अमरेली जिला, गुजरात में समुद्री जल अतिक्रमण के निर्धारण के लिए जलीय-भूवैज्ञानिक अध्ययन - सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीआईएमएफआर)
  • • परिवेश्टक तटस्थ स्थिति में भूजल से फ्लोराइड के अधिशोषक निष्कासन के लिए मिश्रित धातु (हाइड्रो) ऑक्साइड सामग्री का विकास - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  • आंतरायिक और निरंतर जल आपूर्ति प्रणालियों में संदूषण क्षेत्रों के पूर्व निर्धारण के लिए संभाव्य उपागम और स्वास्थ्य प्रभाव - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  • जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के रसायन विज्ञानियों और तकनीकी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम - पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय (एमडीडब्ल्यूएस)
  • जल और वायु गुणवत्ता अनुवीक्षण, प्रतिचयन, विश्लेषण और डेटा प्रबंधन: हैंड्स-ऑन-ट्रेनिंग-केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) दिल्ली
  • "पर्यावरणीय प्रबंधन, जैव विविधता और पर्यावरणीय अनुवीक्षण (वायु और जल गुणवत्ता)" पर सर्टिफिकेट कोर्स - टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल)

परियोजनाएं (राज्य सरकार की संगठनों द्वारा समर्थित)

  • जल गुणवत्ता परीक्षण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित पेय जल के नमूनों में भारी धातुओं / विषाक्त धातुओं / कीटनाशकों / उर्वरकों का परीक्षण - जल आपूर्ति एवं स्वच्छता संगठन (डब्ल्यूएसएसओ)

जल धातु परीक्षण / जल आपूर्ति और स्वच्छता संगठन चित्र 1 जल धातु परीक्षण / जल आपूर्ति और स्वच्छता संगठन चित्र 2 जल धातु परीक्षण / जल आपूर्ति और स्वच्छता संगठन चित्र 3

  • उपचार संयंत्र का मूल्यांकन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडब्ल्यूएसडी), झारखंड सरकार
  • ओडिशा राज्य में पेयजल आपूर्ति के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगाए गए फ्लोराइड निष्कासन पायलट संयंत्र वाले तीन हैण्ड पंप का मूल्यांकन - ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग (आरडब्ल्यूएस एंड एस)
  • भूजल में आर्सेनिक संदूषण का मूल्यांकन – लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), छत्तीसगढ़
  • पेय जल की गुणवत्ता का आंकलन और उपचार के विकल्पों का निरूपण
  • सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन की 111 हेक्टेयर भूमि (चरण- II) पर और उसके आस-पास के क्षेत्र में भूजल, सतही जल और मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रभाव आंकलन - एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड
  • जल उपचार संयंत्र सूरजपुरा, जयपुर और जल उपचार संयंत्र केकड़ी, अजमेर के जल उपचार संयंत्र में बीसलपुर बांध के कच्चे पानी के जमाव हेतु उच्च / मध्यम क्षारकता वाले पॉली एल्युमिनियम क्लोराइड की खुराक का निर्धारण - लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) राजस्थान

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  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल लोगो
  • Transforming India लोगो
  • SHe-Box लोगो
  • खेलो इंडिया लोगो
  •  सरकारी सेवा पोर्टल लोगो
  • अतुल्य भारत लोगो
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संशोधित किया गया : 21-08-2026