नीरी का मुंबई क्षेत्रीय केंद्र, जिसे अब अनुसंधान एवं नवप्रर्वतन केंद्र कहा जाता है, औद्योगिक, सरकारी और समाज की बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करता है। ये मुख्य रूप से वायु प्रदूषण, जल और अपशिष्ट जल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एैसे अन्य क्षेत्रों में कार्यरत है। आरआईसी, नीरी मुंबई में जिन अन्य क्षेत्रों का अनुसरण किया जा रहा है वे सतत विश्लेषण एवं प्रौद्योगिकी विकास हैं।
| पर्यावरणीय अनुवीक्षा |
- परिवेशी, आतंरिक और कार्यस्थल के वायु के गुणवत्ता की अनुवीक्षा एवं नियंत्रण
- मृदा, आपंक एवं ठोस अपशिष्ट का विशेषीकरण
- जल और अपशिष्ट जल की गुणवत्ता की अनुवीक्षा
- विषाक्तता अध्ययन
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| जल संसाधन प्रबंधन |
- जल संसाधन विकास परियोजनाओं, अर्थात बांधों और जल भंडारों की ईआईए और ईएमपी
- पेय जल की गुणवत्ता की निगरानी
- जलोप्चार सुविधाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन
- जल संरक्षण एवं जल भंडारों, झीलों और तालाबों की पर्यावरणीय सुरक्षा
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| पर्यावरणीय प्रभाव एवं जोखिम मूल्यांकन |
- क्षेत्रीय वहन क्षमता का अध्ययन
- पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन
- पर्यावरणीय एवं आपदा प्रबंधन योजना का निर्माण
- जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीन हाउस गैस घटाने की योजना
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| अपशिष्ट जल उपचार एवं प्रबंधन |
- ईटीपी और सीईटीपी का मूल्यांकन
- पुनश्चक्रण एवं पुनः उपयोग प्रोद्योगिकियां
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| पर्यावरणीय तंत्र की डिजाईन एवं मॉडलिंग |
- वायु गुणवत्ता प्रसार मॉडलिंग, रिसेप्टर मॉडलिंग जिसमें सीएमबी, घटक विश्लेषण पीएमएफ शामिल हैं
- समुद्रविज्ञान मॉडलिंग – जल-गतिकी और पानी की गुणवत्ता की मॉडलिंग
- कम लागत वाले अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली की डिजाइन और प्रौद्योगिकी
- पर्यावरणीय डेटा का उन्नत सांख्यिकीय विश्लेषण
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| ठोस एवं हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन |
- नगरपालिका की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- हानिकारक अपशिष्टों का प्रबंधन एवं इसका उपचार
- पादप-उपचार, जैविक-उपचार
- एमएसडब्लू विनियोजन एवं प्रोद्योगिकी का मूल्यांकन, सुरक्षित लैंडफिल की डिज़ाइनिंग
- शहरी एवं औद्योगिकी अपशिष्ट जल के विघटित भू उपचार की बहाली एवं उपचार
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| पर्यावरणीय नीति एवं स्वास्थ्य |
- पर्यावरणीय सुरक्षा एवं स्वास्थ्य लेखा परीक्षा
- आईएसओ 14001, पर्यावरणीय प्रबंधन तंत्र
- पर्यावरणीय विषयों पर नीति के पेपर
- माननीय उच्च न्यायालय के पीआईएल मुकदमों का आंकलन
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