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निदेशक से सन्देश

डॉ राकेश कुमारनिदेशक, सीएसआईआर-नीरी

डॉ राकेश कुमार ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरणीय अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-नीरी) का निदेशक पद संभाला है। उन्होंने 23 मई, 2016 को कार्य भार ग्रहण किया। निदेशक बनने से पहले, डॉ कुमार सीएसआईआर-नीरी के मुंबई क्षेत्रीय प्रयोगशाला के मुख्य वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष थे। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में एम.टेक और आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय से पर्यावरणीय अभियांत्रिकी में पी.एच.डी किया था। उन्हें पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के समस्त क्षेत्रों, विशेष रूप से वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन, शहरी वायु गुणवत्ता अनुवीक्षण, उत्सर्जन सामग्रियां एवं प्रतिरूपण, पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन, पर्यावरणीय लेखा-परीक्षा, जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य के क्षेत्रों में वृहद अनुभव है। डॉ कुमार ने घरेलू एवं औद्योगिक अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग एवं पुनश्चक्रण के लिए प्रोद्योगिकियों का विकास करने में उल्लेखनीय योगदान किया है जिसने देश में एक मिसाल कायम किया है। उनका प्रयास सदैव एक सतत विकास के लिए विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी का स्तर ऊंचा करने और प्रयोग की दिशा में रहा है। उनका लक्ष्य समाज एवं उद्योगों के कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी अभिविन्यस्त समाधान करना है। पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में उनके विशेष योगदान के लिए उन्हें 9 पुरस्कार मिले हैं, जिनमे से 1994 में कॉमन वेल्थ कमीशन पुरस्कार, यूके; यूएस एशिया पर्यावरणीय साझेदारी द्वारा “पर्यावरणीय नेतृत्व पुरस्कार” एवं एशिया के लोगों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में विशेष योगदान देने के लिए वर्ष 2005 की यूएस-एआईडी उल्लेखनीय है। उन्हें वर्ष 2012 में सबसे अधिक संख्या में अल्प-लागत अपशिष्ट जल उपचार – फाइटोरिड की प्रोद्योगिकी अंतरित करने के लिए एक पुरस्कार मिला था। शहरी पर्यावरण में सुधार एवं बेहतर पर्यावरण के लिए अपशिष्ट जल उपचार के लिए सतत प्रोद्योगिकी “फाइटोरिड” के उनके अनुकरणीय कार्य के लिए उन्हें 2012 का वस्विक पुरस्कार मिला है। पर्यावरणीय अभियांत्रिकी के समस्याओं के समाधान के लिए पारिस्थितिकी के उपयोग पर कार्य के लिए हाल में सितम्बर 2015 में उन्हें “हियोशी पारिस्थितिकी विचार पुरस्कार” प्रदान किया गया है। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे की पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी केंद्र में ‘सहायक प्रोफेसर’ के रूप में भी सेवा प्रदान की है।

डॉ कुमार के पास प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों पर दस एकस्वकृत है जिसमे दो अंतर्राष्ट्रीय एकस्वकृत है, और उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 83 से अधिक पेपर तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में 92 पेपर प्रकाशित किया है। उन्होंने पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के भिन्न विषयों पर तीन स्व शिक्षा पुस्तक लिखा है जिसमे से एक कैनाडा की कॉमनवेल्थ ऑफ़ लर्निंग के लिए है।

डॉ कुमार ने डॉ तापस नंदी से प्रभार ग्रहण किया जिन्होंने पहले प्रभार संभाला हुआ था।